Babuaa Desk

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।  
    
    श्री परदेशी ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु अंतर्विभागीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसा के अनुसार भारत सरकार द्वारा केन्द्र प्रवर्तित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम प्रदेश में स्वीकृत किया गया है। इसके तहत प्रौढ़ शिक्षा एवं जीवंत पर्यांत शिक्षा प्रमुखता से शामिल किया गया है। प्रौढ़ शिक्षा के नाम के स्थान पर अब सबके लिए शिक्षा रखा गया है। कार्यक्रम के तहत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को शामिल किए जाने का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में स्वयंसेवी आधारित मानदेय का प्रावधान नही है। एक लाख स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  
स्वयंसेवी कॉलेज, स्कूल के छात्र-छात्राएं, युवा, महिला, डीएड-बीएड के विद्यार्थी एवं अन्य कोई भी स्वयंसेवी शिक्षक बन सकते है। उल्लास कार्यक्रम के तहत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय है।  माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पिछले 8 सितंबर 2024 को उल्लास साक्षर केन्द्रों का वर्चुअल शुभारंभ कर दिया गया है। उल्लास केन्द्रों में शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थित, नवाचारी गतिविधियों से अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। उल्लास साक्षरता केन्द्रों के लिए शासकीय भवनों का उपयोग किया जाएगा। सभी विभागों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने विभाग के अतर्गत संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को शत-प्रतिशत साक्षर करने की जिम्मेदारी लें।  उल्लास कार्यक्रम की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न

24 Sep 2024 02:13AM,
by: Babuaa Desk