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पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपालों के लिए राज्य विधानसभाओं द्वारा भेजे गए विधेयकों पर निर्णय लेने के लिए समयसीमा निर्धारित की है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने फैसला सुनाया कि “राज्य के संवैधानिक प्रमुख के रूप में राज्यपाल को राज्य के लोगों की इच्छा और कल्याण को प्राथमिकता देने और राज्य मशीनरी के साथ ईमानदारी से काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है क्योंकि उनकी शपथ न केवल उनके जनादेश को स्पष्ट करती है, बल्कि राज्यपाल से उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की अंतरंग और नाजुक प्रकृति और राज्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की शक्ति के कारण इसकी मांग भी करती है।”

09 Apr 2025 11:25AM,
by: Babuaa Desk