Imran Khan

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अप्रैल 2021 में, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान, मैंने कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए एक लाख रुपए का बिल चुकाया था. मेरे पास मेडिक्लेम इंश्योरेंस पॉलिसी थी. मैं निश्चिंत था कि मुझे बिल का पैसा वापस मिल जाएगा, लेकिन कंपनी ने मेरा सिर्फ़ आधा क्लेम ही मंज़ूर किया." "मैंने बाक़ी पैसा वापस पाने के लिए मेडिकल लोकपाल को शिकायत दी. लेकिन एक साल भी इस मामले में कुछ नहीं हो सका है."।।। ये अहमदाबाद में रहने वाले रिटायर कर्मचारी भदरेश शाह की कहानी है. उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई वित्तीय परेशानियों को लेकर मिडिया से बात की.।।। वो कहते हैं, "उस वक़्त मुझे इलाज मिल सका ये अच्छी बात है. लेकिन मुझे बहुत पैसा ख़र्च करना पड़ा. इंश्योरेंस कंपनी ने मेरा क्लेम नहीं चुकाया है, जिसकी वजह से मुझे बहुत परेशानियां हो रही हैं. मेरे मामले में अभी तक कोई फ़ैसला नहीं हो सका है."।।।।

14 Jun 2022 06:47AM,
by: Imran Khan
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उत्तराखंड में तैनात आईएएस अधिकारी डॉ. राम विलास यादव के लखनऊ स्थित आवास व स्कूल पर विजिलेंस ने छापा डाला था। इस मामले में विजिलेंस टीम को करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। वहीं, आईएएस अधिकारी सहित पूरे परिवार के नाम से खुले बैंक खातों की भी डिटेल खंगाली जा रही है। बैंक बंद होने के कारण सोमवार को ही पूरी डिटेल मिल पाएगी। पहले दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट बनाकर विजिलेंस टीम ने शासन को भेज दी है। टीम अभी लखनऊ में ही डेरा डाले है। रविवार को टीम ने इस मामले के वादी को भी बुलाकर पूछताछ की और पूरे दिन रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही। एसपी विजिलेंस रेनू लोहानी ने बताया कि छापा मारी की कार्रवाई पूरी हो गई है। कई संपत्तियों का ब्योरा मिला है। दस्तावेज खंगाले गए हैं। उनके घर से किसी चीज को जब्त नहीं किया गया है। आगे की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि जांच में तथ्य सामने आने पर इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। पुरनिया स्थित बंगले के सामने ही राम विलास यादव की पार्किंग थी। इसमें चार गाड़ियां खड़ी मिली थीं। इनमें एक गाड़ी पर उत्तर प्रदेश शासन भी लिखा था। इन गाड़ियों का ब्योरा भी लिया गया। एक अधिकारी के मुताबिक, दो गाड़ियां उन्होंने अपने रिश्तेदारों की बतायी हैं। इन रिश्तेदारों से भी इस बारे में पूछा गया।

13 Jun 2022 11:12AM,
by: Imran Khan