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   भारतीय सिनेमा के पुरुष दर्शकों के लिए नायिका सदैव एक विस्मित कर देने वाली तिलस्म ही रही है।शायद ये प्रकृति से जुड़े प्रश्न का भी उत्तर भी है कि विपरीत लिंग के प्रति स्वाभाविक आकर्षण होता है। इसी आकर्षण को लेकर जहां पुरुष दर्शको के दिलोदिमाग में अनेक नायिकाओं ने घर बनाया वही उनके वस्त्र- आभूषण सहित उनके अदायगी ने महिला दर्शको के भी मस्तिष्क में जगह घेरने का काम किया। यूं तो सिनेमा जगत में नायिकाओं का दौर सिनेमाई शुरुवात के साथ हो गया था । मधुबाला ने सौंदर्य मापदंड की पहली रेखा खिंची थी उनके बाद वैजंती माला, नूतन,शर्मिला टैगोर ,हेमा मालिनी, इस परंपरा की वाहक रही। हेमा मालिनी के साथ साथ फिल्ममें दक्षिण की नायिकाओं के प्रवेश की संभावना बढ़ने लगी। इधर फिल्म निर्माण की संख्या मे आशातीत वर्द्धि हुई। इसी दौर में एक नायिका दक्षिण से आई जो प्रसिद्ध नायक जेमनी गणेशन की बेटी थी- रेखा। लोग कहते है कि हाथो की रेखा है।

10 Oct 2021 12:55PM,
by: Naveen kumar sahu