राजनीति

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कांग्रेस सरकार बनने के बाद बस्तर में विकास और शांति के नये युग का सूत्रपात हुआ है। प्रियंका गांधी देशभर में महिला सशक्तिकरण और महिला अधिकार की लड़ाई लड़ रही है, उनके आने से बस्तर में उत्साह आयेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में बस्तर की जनता ने कांग्रेस की सरकार को भरपूर आर्शिवाद दिया था। पिछले चार सालों में कांग्रेस सरकार के कामों से बस्तर की जनता कांग्रेस के प्रति भरोसा और बढ़ा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर से बस्तर में अपना खाता नहीं खोल पायेगा। कांग्रेस ने आदिवासियों से किए वादों को पूरा किया। चार साल में आदिवासी वर्ग के हित के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजना बनाई गई। आदिवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल, जंगल, जमीन, उनके कानूनी अधिकारों के लिए काम किया गया है। कांग्रेस की सरकार ने आदिवासी वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए रोजगार मूलक योजनाएं बनाई। बस्तर क्षेत्र में आदिवासी के वर्ग शिक्षा के लिए 300 से अधिक बंद स्कूलों को शुरू किया गया। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा के नीतियों के तहत काम किया गया। रमन सरकार के दौरान लोहंडीगुडा दस गांवों के 1707 आदिवासी परिवार से छीनी गई 4200 एकड़ जमीन को लौटाई गई। जेलो में बंद निर्दोष आदिवासियो की रिहाई के लिये जस्टिस पटनायक की अध्यक्षता में कमेटी बनाया गया उनकी अनुशंसा पर जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से मुक्त कराया गया। 870 मामलो में बंद निर्दोषो की रिहाई हुयी। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रु से बढ़ाकर 4000 रु प्रति बोरा किया गया। 65 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी की गई, चरणपादुका खरीदने नगद राशि दी गई। बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया। 24827 व्यक्तिगत 20,000 से अधिक सामुदायिक व 2200 वन संसाधन पट्टे वितरित किए गए, 16 लाख से अधिक हेक्टर भूमि आदिवासी वर्ग को वितरित किया गया है। 4,38,000 से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित करने का शुरू किया गया।

13 Apr 2023 04:02AM,
by: Tikendra Sinha