राजनीति

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आरक्षण संशोधन विधेयक को राजभवन में अटके 40 दिन पूरे हो गये है। अभी तक राजभवन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा के आदिवासी नेता आरक्षण विधेयक पर अपना रुख साफ करें। आरक्षण संशोधन विधेयक में आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। बिलासपुर हाई कोर्ट से 58 प्रतिशत आरक्षण को 50 प्रतिशत किये जाने पर आदिवासी समाज का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। आरक्षण विधेयक राजभवन में रुका है तो इसका खामियाजा आदिवासी समाज को सबसे ज्यादा हो रहा। कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है वह हस्तक्षेप कर आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल को हस्ताक्षर करने को कहे।

10 Jan 2023 01:53PM,
by: Babuaa Desk