04 Feb 2024

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 जिस राम मंदिर को बनाने के नाम पर 1990में लाल कृष्ण आडवाणी रथ लेकर सोमनाथ से अयोध्या के लिए निकले थे उस समय तो लाल कृष्ण आडवाणी को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया था। 24साल बाद उनके रथ के चालक नरेंद्र मोदी ने भव्य राम मंदिर बनाकर प्राण प्रतिष्ठा करवा दी तो सबसे बड़ा पुण्य लाल कृष्ण आडवाणी को मिलना था और मिला भी। आज से लाल कृष्ण आडवाणी भारत रत्न कहलाएंगे। देखा जाए तो सोमनाथ से अयोध्या की यात्रा भाजपा के शैशव काल से निकल कर देश में स्थापित होने की भी यात्रा थी। लाल कृष्ण आडवाणी हार्डकोर हिंदुत्व के प्रवर्तक थे इसका खामियाजा उन्हें देश के प्रधान मंत्री न बनने के रूप में भुगतना पड़ा था। गठबंधन की सरकार में अटल बिहारी वाजपेई सिर्फ इसलिए प्रधान मंत्री बने थे क्योंकि वे हार्डकोर नहीं थे बल्कि उदारवादी थे। लाल कृष्ण आडवाणी ने प्रधानमंत्री बनना चाहा लेकिन सफलता नहीं मिली और उन्हे उप प्रधानमंत्री पद पर ही संतोष करना पड़ा। भारत में वल्लभ भाई पटेल, मोरार जी देसाई के बाद लाल कृष्ण आडवाणी तीसरे ऐसे व्यक्ति है जो देश के उप प्रधान मंत्री पद पर रहे है। भारत के "लाल"कृष्ण आडवाणी

04 Feb 2024 03:51AM,
by: Babuaa Desk
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शिक्षा मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि स्कूल केवल शिक्षा की ही नहीं संस्कारों के भी केंद्र होते है। जहां से उज्ज्वल देश और समाज का निर्माण करते है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों में अच्छे संस्कारों का भी विकास करना भी है। वे आज राजिम के शासकीय पंडित राम बिशाल पांडेय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के वार्षिकोत्सव “अभ्युदय“ का शुभारंभ करते हुऐ कहा कि स्कूलों में छात्रों को अनुशासन, नैतिकता, देशभक्ति, सामाजिक भावना जैसे महत्वपूर्ण संस्कारों का शिक्षण दिया जाना चाहिए। जब छात्रों में अच्छे संस्कार होगें, तो वे देश और समाज के लिए एक मूल्यवान मानव संसाधन बन जाते हैं।

04 Feb 2024 03:51AM,
by: Tikendra Sinha