05 Mar 2021

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महासमुन्द : छत्तीसगढ़ की महंगे स्कूल से लेकर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब बच्चें हर तरीके से कुछ न कुछ सीखतें हैं। लेकिन कोविड-19 ने उनकी स्थितियां पूरी तरह से बदल दी है। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण और फैलनें के कारण डिजीटल संसाधनों तक पहुंच में बड़ी असमानता छत्तीसगढ़ में भी बड़ी चुनौती बन गई। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पढ़ई तुहर दुआर शुरू की। महासमुन्द जिले में कलेक्टर डोमन सिंह (आई.ए.एस.) जिले के 40 शिक्षा केन्द्रों और कार्यालयों के सभाकक्षों में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की बेहतर पढ़ाई के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा कोचिंग स्थापित कर पढ़ाने की व्यवस्था की गयी है। इस पर व्यय राशि जिला खनिज न्यास मद से दी गयी है। यह कोचिंग विद्यालय संचालन समय के अतिरिक्त समय पर दी जा रही है।

05 Mar 2021 06:41AM,
by: Thaneshwar sahu