05 Sep 2024

Generic placeholder image

  आमतौर पर ये माना जाता है कि एक शिक्षक जिंदगी भर शिक्षक रहता है ।अगर हम विद्यालय,महाविद्यालय या किसी प्रशिक्षण संस्था की बात करे तो विषय विशेष के ही शिक्षक विद्यार्थी को छात्र जीवन में मिले है। बहुत कम ऐसे शिक्षक देखे जाते है जिनका ज्ञान क्षेत्र विस्तृत होता है। शैक्षणिक संस्थानों सहित जीतने भी सीखने के क्षेत्र में गुरुजन है उनके ज्ञान की सीमा निर्धारित होती है। आदिकाल में देखे तो मनुष्य की सबसे बड़ी गुरु प्रकृति ही थी जिससे सीखने का क्रम शुरू हुआ। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधा के लिए प्रकृति से ही अनाज, छाल - चमड़ा,गुफा का ज्ञान मिला । वक्त के साथ आवश्यकता सृजित हुई तो आविष्कार ने जन्म लिया। जात न पूछो गुरु की

05 Sep 2024 12:54PM,
by: Babuaa Desk