08 Feb 2021

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उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर टूटने से तबाही मच गई। इस हादसे में अब तक 8 शव बरामद हुए हैं। 150 से ज्यादा लोग लापता हैं। एनडीआर और सेना की टीम राहत और का काम में जुटी हुई है। उत्तराखंड में आई इस प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों के प्रति दुनियाभर के नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने ट्वीट कर कहा कि उनका देश पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए भारत के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करता है। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी ट्वीट कर पीडि़तों के प्रति संवेदना जताई है। उसने ट्वीट में कहा, 'भारत में ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन से प्रभावित होने वालों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। हम दुख की इस घड़ी में मृतकों के स्वजनों और मित्रों के साथ हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।'

08 Feb 2021 05:00AM,
by: Thaneshwar sahu
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शायद गीत हमारे रग रग में भरा हुआ है,धमनियों में दौड़ता है इस कारण गाना भले न आये लेकिन सुनना हमारी जरूरत है। जब फिल्में नहीं थी तब भी गायन था फिल्में आयी तो गायन अनिवार्य तत्व बन गया। फिल्मो में गीत लिखने वाले जानते थे कि कठिन शब्दो से लोग जुड़ नही पाएंगे इस कारण सरल गीत लिखे जाते रहे इन्हें सुगम गीत कहा जाता रहा।अनपढ़ ने भी "चलत मुसाफिर मोह लियो रे पिंजरे वाली मुनिया" गाया गुनगुनाया। हिंदी को अगर विस्तार मिला तो बहुत बड़ा योगदान हिंदी गीतकारों को जाता है।इसके साथ साथ गायकी में एक और विधा समांतर चलती रही ।हिंदी की सगी बहन उर्दू भी रफ्ता रफ्ता चलते चलते रही। स्मृति जगजीत सिंह "तुम जीता किये सबसे, जग तुमसे हारा"..

08 Feb 2021 03:26AM,
by: Babuaa Desk