11 Jun 2021

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शिवसेना ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और महिलाओं के निशुल्क उपचार और परमार्श के लिए महिला स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। यह शिविर राजधानी के खमतराई स्थित जेठानी अस्पताल में आयोजित किया गया था। महिलाओं ने इस शिविर में आकर स्वास्थ्य सम्बंधित जानकारियां लीं और उपचार के लिए अपना नाम भी रजिस्टर करवाया। शिवसेना प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के निर्देशानुसार महिला सेना के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। महिला सेना नेत्री ज्योति सिंह ने बताया कि शिविर में महिलाओं ने विशेषज्ञों से निशुल्क परामर्श लिया और बिमारियों से बचाव के लिए जानकारियां लीं। शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव सुनील कुकरेजा ने विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि वरिष्ठ विशेषज्ञों ने इस शिविर में अपना अमूल्य समय देकर लोगों के स्वास्थ्य के लिए शिवसेना के साथ अपना हाथ बढ़ाया और शिवी में आई सभी महिलाओं से वार्तालाप किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धनंजय सिंह परिहार, मधुकर पांडेय, रेशम जांगड़े,सुनील कुकरेजा, शशांक देशमुख(सन्नी), ज्योति सिंह, कोमल तिवारी, शोना साहू, निधि सिंह, माधवी महानंद, विक्की निर्मलकर, संजय सोनकर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

11 Jun 2021 02:56PM,
by: Vikash Kumar
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देश की आजादी के लिए अपनी जान लुटा देने वाले अमर शहीद भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, असफाकउल्लाह, राजगुरु सहित न जाने कितने युवक थे जिनके नामो को अंग्रेजो ने तो अपने कमीनेपन के कारण आतंकवादी नाम देकर यथा नाम तथा गुण का परिचय दिया था अंग्रेजो के जाने के बाद इन महान हस्तियों को भुला देने की भी साज़िश हुई। नरमपंथी हमेशा लल्लोचप्पो के बदौलत ही गुलामी के कपड़े को बदल कर पहनते रहे है इसी के कारण इस देश की न तो राजभाषा जन्म ले सकी न ही धर्म। यहां तो राम भी पार्टीबन्दी के शिकार हो गए तो रामप्रसाद बिस्मिल कैसे बच पाते। उनका नाम भी देश की आज़ादी में बराबर की सहभागिता के कारण जाना जाता है। जितना गांधी का योगदान रहा उससे ज्यादा देश के शहीदों का है जिन्होंने पैदल चलने के बजाय देश के संसद भवन में बहरो की सरकार के कान में बात डालने के लिए बम फोड़ दिया।  कहाँ मिलेंगे बिस्मिल!

11 Jun 2021 01:01PM,
by: Vikash Kumar