14 Feb 2023

Generic placeholder image

कहते है कि सूरज पूर्व से निकलता है और पश्चिम में डूबता है। हमारा देश पूर्व में सो जाहिर है कि ये देश सूरज को उगाने वाला देश है। भारतीय संस्कृति में भी चढ़ते सूरज को नमन करने का रिवाज है। इस देश की रीत में प्रीत है । संस्कारों के देश मे वात्सलय से प्रारंभ होता है स्नेह से बचपन बढ़ता है, संबंधों में प्रेम होता है। सबसे बड़ी बात ये है कि इन सब संबंधो में आत्मीयता होती है क्योंकि हर बंधन में प्रगाढ़ता के लिए संस्कारों की प्रतिबद्धता है।पश्चिम में संबंध संस्कार नहीं है करार है। संबंध में स्थायित्व कितना है ये वहां से संस्कार पर नहीं बल्कि समझौते पर निर्भर करता है। मोहब्बत का विदेशी त्यौहार

14 Feb 2023 12:38PM,
by: Babuaa Desk