27 Dec 2020

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दंतेवाड़ा : कुआकोण्डा ग्राम समेली के जबेली के पटेल पारा निवासी नंदे बुदरा के यंहा 27 अगस्त को दो जुड़वा बच्चे लड़का और लड़की का जन्म हुआ। डिलवरी के तुरन्त बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शांति मरकाम ने नंदे के घर गई जब उसने देखा की दो जुड़वा बच्चे है और दोनो ही कम वजन के बच्चे थे जिसमें लड़का का वजन 1 किलो 5 सौ ग्राम तथा लड़की का वजन 9 सौ ग्राम था। बच्चों की बहुत ही दयनीय स्थिति थी। बच्चे बच पायेगें इसकी कोई उम्मीद नही थी। श्रीमती शांति मरकाम ने प्रशासनिक परियोजना अधिकारी श्रीमती बिन्दु स्वर्णकार से सम्पर्क किया और नंदे बुदरा के जुड़वा बच्चों के बारे में जानकारी दी। परियोजना अधिकारी को जानकारी मिलने के बाद उन्होने कंगारू मदर केयर कराने की सलाह दी। जिसमें उनकी सलाह से श्रीमती शांति ने नंदे बुदरा के दानो बच्चों को कंगारू मदर केयर दिलवाया और लगातार कई दिनो तक उसको दिलाती रही। स्तन पान के बारे में जानकारी दी और स्वयं अपने सामने माँ से बच्चों को स्तन पान करवाने के लिए प्रेरित करती रही। लगातार सलाह मशविरा करती रही। प्रतिदिन नंदे बुदरा के घर जाकर बच्चों की देख-रेख करती रही। लेकिन दोनों बच्चों में से लड़की की मौत हो गई है और लड़का को बचाने में सफल हो गये। लगातार उस बच्चे को कंगारू मदर केयर स्तन पान से 3 माह में बच्चे का वजन 1 किलो 5 सौ ग्राम से 4 किलो की वृद्धि हो गई है। बच्चा हष्ट-पुष्ट तंदरूस्त हो गया है उसे किसी भी प्रकार के समस्या नही है। जिसके लिए बच्चे के परिवार कार्यकर्ता को धन्यवाद दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शांति की मेहनत रंग लाई, बच्चे की बचाई जान

27 Dec 2020 08:22AM,
by: Thaneshwar sahu