30 Dec 2020

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छत्तीसगढ़ में धान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। सरकार ने मंगलवार शाम तक 45 लाख 48 हजार मीट्रिक टन धान खरीद लिया है। इसमें से अधिकांश खरीदी और संग्रहण केंद्रों में पड़ा हुआ है। सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार ने उनके धान से बना चावल अभी तक जमा करना शुरू नहीं किया है। इधर भाजपा इसे धान नहीं खरीदने का बहाना बताकर राज्य सरकार पर हमलावर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है, सैद्धांतिक सहमति जताने के बावजूद केंद्र सरकार अभी तक 60 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में जमा करने का आदेश जारी नहीं कर पाई है। ऐसे में भारतीय खाद्य निगम यहां चावल नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर चावल जमा करने का आदेश जारी करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा था। छत्तीसगढ़ ने 26 लाख मीट्रिक टन उसना चावल और 14 लाख मीट्रिक टन अरवा चावल को एफसीआई में जमा करने की अनुमति का प्रस्ताव पहले ही केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस विषय पर केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच बातचीत भी होती रही है।लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री की मांग को धान खरीदी से बचने की नई पैंतरेबाजी बताया है। विष्णुदेव साय ने कहा, केंद्र सरकार पहले ही सेंट्रल पूल में पिछले वर्ष के मुक़ाबले अधिक चावल लेने का एलान कर चुकी है। इसके एवज में 9 हजार करोड़ रुपए की राशि भी प्रदेश सरकार को दी जा चुकी है।उन्होंने पूछा, यह पैंतरा आजमाकर मुख्यमंत्री किसानों के साथ शर्मनाक खेल क्यों खेल रहे हैं? प्रदेश में एक दिसम्बर से धान की सरकारी खरीदी शुरू हुई है। 31 जनवरी तक सरकार का लक्ष्य 90 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने की है। प्रति एकड़ 15 क्विंटल की खरीदी हो रही है। इसके लिए किसानों को 1868 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अभी और 632 रुपए बाद में दिया जाना है। कांग्रेस सरकार ने किसानों को 2500 रुपया प्रति क्विंटल दाम देने का वादा किया था। इसके लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू हुई है।

30 Dec 2020 10:26AM,
by: Imran Khan
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साल 2020 के आखिरी दिनों में कोरोना वैक्सीनेशन पर प्रदेश के लिहाज से एक अच्छी खबर है। प्रदेश में नए साल में 4 जनवरी की संभावित तारीख को एक ही दिन कोरोना वैक्सीनेशन का ड्राई रन किया जाएगा। जिसके जरिए वैक्सीनेशन की तैयारियों को परखा जाएगा।प्रदेश में पांच संभाग रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग में पच्चीस पच्चीस लोगों के जरिए इस ड्राई रन को अंजाम दिया जाएगा। यानी सवा सौ लोगों के साथ इस प्रयोग को अंजाम दिया जाएगा। हालांकि ड्राई रन में किसी को भी वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। बल्कि वैक्सीन लगाने की पूरी प्रक्रिया को करके देखा जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक पूरे देश में चुने हुए प्रदेशों में ड्राई रन के लिए मॉकड्रिल किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में भी ये प्रयोग हो रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए जो एसओपी बनाया गया है। उसमें बहुत से काम ऑनलाइन सिस्टम से सॉफ्टवेयर के जरिए भी किए जाने हैं। सिस्टम एप सही तरीके से काम कर रहा है, या नहीं टीके के लिए चरणबद्ध तरीके से जो प्रक्रिया अपनाई जानी है वो कितने समय में पूरी हो रही है। इसके साथ ही आपात स्थितियों को लेकर किस तरह की जमीनी अड़चन आ रही है, ये सब भी करके देखा जाएगा।

30 Dec 2020 10:26AM,
by: Imran Khan
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रायपुर - चर्चित इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाला मामले में तत्कालीन मैनेजर उमेश सिन्हा की नार्को टेस्ट की सीडी 14 साल बाद रायपुर कोर्ट में पेश की गई। जेएमएफसी कोर्ट में कोतवाली टीआई आरके पात्रो ने बेंगलुरु फॉरेंसिक लैब से आई सीडी जमा की। बैंक में 28 करोड़ का घोटाला फूटने के बाद कोतवाली पुलिस ने मैनेजर उमेश की नार्को टेस्ट कराया था।टेस्ट में मैनेजर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उसने पिछली सरकार के कई प्रभावशाली लोगों के नाम लेकर घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर अंगुली उठाई थी।इसके बावजूद चार्जशीट में सीडी का कहीं जिक्र नहीं किया गया। हालांकि बैंक के खातेदारों ने सीडी को केस की सुनवाई में शामिल करने की मांग की थी,लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद खातेदारों ने सीडी को केस में शामिल करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 साल पहले पदस्थ तत्कालीन पुलिस अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे, लेकिन किसी ने कोर्ट में सीडी का जिक्र तक नहीं किया। अब खातेदारों की मांग पर पुलिस ने कोर्ट में सीडी जमा की है। पुलिस और विधि विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट चाहे तो सीडी के आधार पर जांच का निर्देश दे सकती है। इसके लिए अलग से जांच टीम भी बनाने के निर्देश दिए जा सकते हैं, ऐसा होने पर सीडी के आधार पर कई लोगों को आरोपी भी बनाया जा सकता है। क्योंकि बैंक के तत्कालीन मैनेजर उमेश ने नार्को टेस्ट में पिछली सरकार के कुछ बड़े प्रभावशाली लोगों को 1-1 करोड़ देने का जिक्र किया था। सीडी में एक भाजपा के नेता को दो करोड़ देने की बात कही थी।

30 Dec 2020 10:26AM,
by: Imran Khan