संविधान की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका अहम: CJI गवई

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भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बी.आर. गवई को महाराष्ट्र विधानमंडल की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश गवई ने न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के बीच संतुलन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संविधान के अंतर्गत ये तीनों अंग समान हैं और प्रत्येक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा, "बाबासाहेब ने कहा था कि हम सभी को संविधान की सर्वोच्चता में विश्वास रखना चाहिए। संविधान ने कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका तीनों को अधिकार और जिम्मेदारियाँ दी हैं।"

मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि न्यायपालिका को नागरिकों के अधिकारों की प्रहरी और संरक्षक की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने यह दोहराया कि न्यायपालिका का मूल दायित्व जनता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।


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