एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर पूर्व मुख्य न्यायाधीशों की सख्त राय

feature-top

पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस जे.एस. खेहर ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की पहल को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। उन्होंने आगाह किया है कि इस अवधारणा के नाम पर चुनाव आयोग को अत्यधिक शक्तियाँ सौंपना संविधान के संतुलन के लिए घातक हो सकता है।

दोनों पूर्व CJI ने यह राय हाल ही में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में रखी, जहाँ 129वां संविधान संशोधन विधेयक 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा हो रही थी।

माना जा रहा है कि जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस खेहर ने JPC के समक्ष स्पष्ट रूप से यह कहा कि इन संशोधनों के माध्यम से यदि चुनाव आयोग को असीमित अधिकार मिलते हैं, तो इससे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना प्रभावित हो सकती है।

गौरतलब है कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा के तहत देश भर में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव है, जिसे लेकर विभिन्न स्तरों पर कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक विमर्श चल रहा है।


feature-top