न्यायमूर्ति वर्मा पर महाभियोग से पहले न्यायमुर्ति शेखर यादव की टिप्पणी की जांच हो : राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल

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राज्यसभा सांसद और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि जब तक न्यायमूर्ति शेखर यादव की कथित ‘सांप्रदायिक’ टिप्पणी को लेकर महाभियोग की कार्यवाही के तहत जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक विपक्ष को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ किसी भी महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन नहीं करना चाहिए।

सिब्बल ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ मामला भ्रष्टाचार का नहीं है, और जो राजनीतिक दल इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार से जोड़कर समर्थन देने की सोच रहे हैं, उन्हें अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए।

कपिल सिब्बल ने यह भी दावा किया कि सरकार के इस कदम के पीछे दो उद्देश्य हो सकते हैं पहला, यह कि वर्मा उच्च न्यायालय के सबसे स्वतंत्र न्यायाधीशों में गिने जाते हैं, जिससे सरकार असहज हो सकती है।

और दूसरा, यह कि सरकार इस घटनाक्रम को न्यायपालिका पर दबाव बनाने और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) को किसी नए रूप में लाने के अवसर के रूप में देख रही है।


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