6- 0,6-0, से जीतने वाली ईगा स्वायातेक तीसरी खिलाड़ी
संजय दुबे
टेनिस जगत में कल का दिन एक ऐसे इतिहास की पुनरावृति की थी जैसा अमूमन होता ही नहीं है।सोचिए, एक खिलाड़ी अपने ही सर्विस में एक गेम भी जीत न सके और विपक्षी खिलाड़ी उसकी सर्विस पर एक बार नहीं बल्कि छह बार ब्रेक कर सेट जीत ले।
कल ऐसा ही विंबलडन लेडिस सिंगल्स फाइनल में हुआ। पोलैंड की ईगा स्वायातेक ने महज 52मिनट में ऐसा इतिहास रचा कि दुनियां देखते रह गई
आमतौर पर पहले, दूसरे राउंड में ऐसा अनेक बार हुआ है जब सामने वाले पुरुष या महिला खिलाड़ी को एक भी गेम न जीतने दिया हो लेकिन किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में ऐसा हो जाए कि 6- 0,6-0,से कोई खिलाड़ी हार जाए, ऐसा चारों ग्रैंड स्लैम (ऑस्ट्रेलिया, फ्रेंच, विंबलडन और अमेरिका ओपन) में केवल तीन बार हुआ है।
विंबलडन में 1911 और 2025 में ऐसा अवसर आया है। 1911 में डोरेथा चैंबर्स ने डी बूथी को 6-06-0से हराया था। डी बूथी 1909की विंबलडन महिला चैंपियन रही थी। 2025 में पोलैंड की ईगा स्वायातेक ने अमेरिका की अंबाडा एनिसिमोवा को 6-0,6-0से हरा कर सनसनी फैला दी। अंबाडा ने से को सबलेंका को हराया था इस कारण यकीन भी नहीं हुआ ।
टेनिस जगत में फ्रेंच ओपन के 1988के फाइनल में भी 6-0,6-0 वाला जादुई परिणाम आया था। फ्रांस की स्टेफी ग्राफ ने बेलारूस की नतालिया जेरेजोवा को भी 6-0,6-0से फाइनल में हराया था। स्टेफी ग्राफ का वो दौर इसलिए भी मायने रखता है कि 1988 में स्टेफी ग्राफ ने चारों ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उठाई और ओलम्पिक खेलों का भी गोल्ड मेडल जीती। इतिहास में तीन महिला टेनिस खिलाड़ी डोरेथा चैंबर्स, स्टेफी ग्राफ और ईगा स्वायातेक को 6-0,6-0से जीतने के लिए याद रखा जाएगा।
डी बूथी,नतालिया जेरेजोवा और अंबाडा एनिसिमोवा को 6-0,6-0से हारने के लिए भी याद रखा जाएगा। पुरुषों में अभी तक कोई भी खिलाड़ी किसी भी ग्रैंड स्लैम के स्पर्धा में 148साल के इतिहास में ऐसे जादुई आंकड़ों से नहीं हारा है
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