ईडी की कार्यशैली पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि एजेंसी अपनी सीमाएं पार कर रही है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि ईडी की कार्रवाई कानून के पेशे की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है।

दरअसल, ईडी ने कुछ वकीलों को समन जारी किया था। उन पर आरोप था कि वे आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में आरोपियों को कानूनी सलाह दे रहे थे। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई और कहा कि एजेंसी की यह कार्यशैली अस्वीकार्य है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों के लिए इस प्रकार प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी सुझाव दिया कि प्रवर्तन निदेशालय के लिए कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाने की आवश्यकता है, ताकि एजेंसी की कार्रवाई संतुलित और कानून के दायरे में रहे।


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