छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल पर 16.70 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 22 जुलाई 2025 तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया गया है। ईडी द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह जांच ACB/EOW रायपुर द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी।

इसमें भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब घोटाले के जरिए राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। इस दौरान करीब 2500 करोड़ रुपये की अवैध आय (Proceeds of Crime – POC) अर्जित की गई। ईडी के अनुसार, चैतन्य बघेल ने इस घोटाले से अर्जित 16.70 करोड़ रुपये को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाया।

यह राशि नकद भुगतान, फर्जी बैंक प्रविष्टियों और फ्लैट खरीद के बहाने से खर्च की गई। इसके अलावा, वह त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर ‘विठ्ठलपुरम’ नामक एक परियोजना में फर्जी फ्लैट खरीद की साजिश रचने के भी आरोप में हैं। इस योजना के तहत 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए। फ्लैटों की खरीद ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर की गई, लेकिन असली लाभार्थी चैतन्य बघेल ही थे।


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