राज्यसभा में फिल्मी सितारे

संजय दुबे

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भारत के लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्य सभा को उच्च सदन का दर्जा प्राप्त है। इस सदन में हर राज्य का प्रतिनिधित्व है।

राज्य सभा में प्रवेश के दो तरीके है।पहला है निर्वाचन का और दूसरा मनोनयन का। निर्वाचन से 238 और 12व्यक्तियों का राष्ट्रपति विभिन्न क्षेत्रों के नामवर व्यक्तियों का मनोनयन करते है।ये प्रक्रिया 1952से अबतक प्रचलन में है। अब तक 150राज्य सभा सदस्यों का मनोनयन भारत के राष्ट्रपतियों द्वारा किया गया है।

इनमें 17 सदस्य सभी फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक रखते हैं। राष्ट्रपति विज्ञान ,अनुसंधान, कृषि, सामाजिक सेवा,फिल्म, खेल जैसे क्षेत्रों से ऐसे व्यक्तियों को राज्य सभा में लाते है, जिनसे उम्मीद होती है कि वे अपने क्षेत्र से संबंधित समस्याओं को देश के सदन में रख न केवल निराकरण का प्रयास करेंगे बल्कि ऐसी योजनाएं भी प्रस्तुत करेंगे जिससे उनके क्षेत्र में नवीनता आए।

ये दुख का भी विषय है कि 1952से लेकर अब तक गंभीर प्रयास का अभाव रहा है। फिल्म, देश की वो मनोरंजन रेखा है, जिसमें देश की जनता का रुझान हमेशा से रहा है। कलाकार के मुरीद होने का अपना अलग संसार है।इसी संसार फिल्म क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को राजनैतिक दलों ने अपना प्रत्याशी बनाकर राज्य सभा में भेजा है।

कमल हसन, जिन्होंने हाल ही में राज्य सभा में सदस्यता ग्रहण किए है, वे द्रविण मुनेत्र कसगम(डीएमके) के कोटे से निर्वाचित सदस्य है। समझौते के चलते कमल हसन को ये लाभ मिल गया है। राज्य सभा में विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा अपने दल की तरफ से फिल्म इंडस्ट्री से सम्बन्ध रखने वालों को प्रत्याशी बना कर जिताया भी है और राज्य सभा में भेजा है।

राव गोपाल राव, राजबब्बर, जया प्रदा, जय ललिता, जया बच्चन,शत्रुघ्न सिन्हा, दासरी नारायण राव, नंद मुरी हरिकृष्ण, सुरेश गोपी, वी जयश्री,ऐसे व्यक्ति रहे जो फिल्म इंडस्ट्री से है। वैजयंती माला, राज बब्बर, शत्रुघ्न सिन्हा, हेमा मालिनी ,सुरेश गोपी, दासरी नारायण राव, सुरेश गोपी ऐसे बड़े शख्सियत है जिन्होंने लोक सभा चुनाव में भी सफलता हासिल की है। दासरी नारायण राव,शत्रुघ्न सिन्हा ,और सुरेश गोपी कैबिनेट मिनिस्टर भी रहे। राष्ट्रपति द्वारा संविधान के चौथी अनुसूची के 4(1),80(2)के अनुसार 12व्यक्तियों को मनोनीत करने का अधिकार है। अब तक फिल्म इंडस्ट्री से 17 व्यक्तियों का मनोनयन हुआ है।

इनमें इलैया राजा, शकुंतला परांजपे और शिवाजी गणेशन को छोड़कर शेष 14बॉलीवुड से आते है। पृथ्वी राज कपूर (1960) हबीब तनवीर(1972) नरगिस (1980) शिवाजी गणेशन (1982) वैजयंतीमाला (1993) शबाना आजमी (1997) मृणाल सेन(1997) लता मंगेशकर (1999) दिलीप कुमार (2000) हेमा मालिनी (2003) दारा सिंह (2003) श्याम बेनेगल(2006) जावेद अख्तर (2010) रेखा(2012) रूपा गांगुली(2016) इलैया राजा (2022) राजनैतिक दलों से फिल्म इंडस्ट्री के व्यक्तित्व से चुने गए कमल हसन इन फेरहिस्त में नया नाम है।

कमल हसन ने दक्षिण भारतीय फिल्मों के अलावा हिंदी फिल्मों में धाक जमाई है। बाल कलाकार के रूप में उनकी पहली फिल्म कलतूर कन्ननम्मां थी ।इस फिल्म में उन्हें बाल कलाकार के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था । कमल हसन ने 1960से 2025तक 213फिल्मों में काम किया है।"एक दूजे के लिए" उनकी पहली हिंदी फिल्म थी जिसने देश भर में प्रेम की बयार बहा दी थी। सनम तेरी कसम, सागर, गिरफ्तार, पुष्पक,अप्पू राजा, हिन्दुस्तानी, चाची 420,हे राम, दशावतारम, विश्व रूपम,हिन्दुस्तानी2, हिंदी फिल्मे है। उनकी दक्षिण भाषा में बनी विक्रम और ठग लाइफ़ हालिया फिल्म है।


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