मुख्य न्यायाधीश ने नागरिकों को अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर दिया जोर

feature-top

भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होगी, तब तक वे केवल कागज़ पर ही सीमित रह जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के उत्तरी क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नालसा का उद्देश्य न्याय को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, और इसमें न्यायाधीशों तथा वकीलों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अपने संबोधन में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के अतीत की ओर इशारा करते हुए कहा कि राज्य को उसकी पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक समरसता की ओर लौटाना जरूरी है। उन्होंने कहा, हमें उस कश्मीर को फिर से स्थापित करना है जहां सभी समुदाय मिल-जुलकर रहते थे।


feature-top