बिहार मतदाता सूची विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की विपक्ष को सलाह

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बिहार मतदाता सूची विवाद के एक और दिन आगे बढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दलों को "इस समय एनजीओ (गैर-सरकारी संगठन) की तरह काम करना चाहिए"।

अदालत ने नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए विपक्षी दलों को सुझाव दिया कि वे ज़मीनी स्तर पर उतरें और अपनी चिंताओं, यानी असली मतदाताओं के बाहर होने के सबूत पेश करें ताकि उनकी शिकायत को बल मिल सके।

याचिकाकर्ताओं को आश्वासन दिया गया कि अगर बड़े पैमाने पर मतदाताओं को बाहर किया जाता है तो अदालत हस्तक्षेप करेगी।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा, "हम एक न्यायिक प्राधिकरण के रूप में इस (प्रक्रिया) की समीक्षा कर रहे हैं। अगर बड़े पैमाने पर लोगों को बाहर किया जाता है, तो हम तुरंत हस्तक्षेप करेंगे। 15 लोगों को यह कहते हुए लाएँ कि वे जीवित हैं।"


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