सिंधु जल संधि को बताया नेहरू की सबसे बड़ी भूल : भाजपा अध्यक्ष नड्डा

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भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला है। नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला में लिखा कि 1960 की सिंधु जल संधि, नेहरू की सबसे बड़ी भूलों में से एक थी, जिसमें राष्ट्रीय हितों को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की बलि चढ़ा दिया गया।

नड्डा ने कहा कि यह संधि सितंबर 1960 में हस्ताक्षरित हुई, लेकिन संसद में इसे दो महीने बाद नवंबर में रखा गया। चर्चा भी केवल प्रतीकात्मक रही और महज दो घंटे चली। संसद की अनदेखी ने पूरे राष्ट्र को आहत किया।

भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, इस संधि का विरोध कांग्रेस के भीतर से भी हुआ था। वरिष्ठ सांसद अशोक मेहता ने इसे ‘दूसरा विभाजन’ करार दिया था, जबकि सांसद ए.सी. गुहा ने पाकिस्तान को 83 करोड़ रुपये स्टर्लिंग देने की आलोचना करते हुए इसे “मूर्खता की पराकाष्ठा” बताया था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि संसद को दरकिनार करना तानाशाही रवैये का संकेत है।


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