सेबी ने बदले न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता के नियम

feature-top

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बड़ी कंपनियों के लिए न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता से जुड़े मानदंडों में बदलाव किया है। बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, अब ₹50,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक के बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की शर्त पूरी करने के लिए तीन साल के बजाय पाँच साल का समय मिलेगा।

₹1 लाख करोड़ से ₹5 लाख करोड़ तक की कंपनियों को न्यूनतम ₹6,250 करोड़ या निर्गम-पश्चात बाजार पूंजीकरण का 2.75%—इनमें से जो अधिक हो—के बराबर सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाना अनिवार्य होगा।

वहीं, ₹5 लाख करोड़ से अधिक बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों को कम से कम ₹15,000 करोड़ या कुल पूंजीकरण का 1% (जो भी अधिक हो) का सार्वजनिक निर्गम लाना होगा।

इसके अलावा, यदि सूचीबद्धता के दिन सार्वजनिक शेयरधारिता 15% से कम रहती है, तो कंपनियों को पाँच साल में न्यूनतम 15% और दस साल में 25% सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करनी होगी।


feature-top