राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में अनिवार्य हो मतदान : शिवसेना (UBT)

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शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में मतदान को अनिवार्य करने की मांग उठाई है। पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा कि जो राजनीतिक दल इन शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए मतदान से दूर रहते हैं या ‘‘खरीद-फरोख्त’’ में शामिल पाए जाते हैं, उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाना चाहिए।

संपादकीय में बीआरएस और बीजद पर निशाना साधते हुए कहा गया कि ये दल बीते दिनों हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहे। शिवसेना (UBT) ने इसे “असंवैधानिक” करार दिया और आरोप लगाया कि ये दल केंद्रीय जांच एजेंसियों से ‘‘डर गए’’।

पार्टी ने आगे कहा कि एक ओर जहां लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदान को अनिवार्य बनाने की मांग हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई दल चुनावों का बहिष्कार करते हैं। ऐसे दलों की मान्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए।


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