सीजेआई गवई ने ट्रिब्यूनलों के गैर-न्यायिक सदस्यों पर की अहम टिप्पणी

feature-top

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि कुछ ट्रिब्यूनलों के गैर-न्यायिक सदस्य, जो अक्सर पूर्व नौकरशाह होते हैं, सरकार के खिलाफ आदेश पारित करने से बचते हैं।

उन्होंने सदस्यों को नियमित प्रशिक्षण और समान मानकों के पालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (2025) के 10वें अखिल भारतीय सम्मेलन में सीजेआई गवई ने कहा कि ट्रिब्यूनल न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच विशेष स्थान रखते हैं।

न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव की यह विविधता ताकत है, लेकिन सदस्यों को कानूनी तर्क और प्रशासनिक बारीकियों में प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बात को गलत अर्थ न निकाला जाए और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।


feature-top