मद्रास हाईकोर्ट ने 1100 एकड़ भूमि पर मस्जिद का दावा खारिज किया

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मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुनेलवेली जिले की करीब 1100 एकड़ भूमि पर मस्जिद का वक्फ संपत्ति होने का दावा खारिज कर दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि मस्जिद को केवल 2.34 एकड़ जमीन का ही अधिकार है, जो वर्ष 1712 में मदुरै सामस्थानम के तत्कालीन शासक द्वारा ताम्रपत्र (कॉपर प्लेट) के माध्यम से अनुदान (मन्यम) के रूप में दी गई थी।

न्यायमूर्ति एम. धंडापानी ने यह आदेश तमिलनाडु सरकार की 2018 में दायर की गई सिविल पुनरीक्षण याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिया। सरकार ने यह याचिका वक्फ ट्रिब्यूनल (तिरुनेलवेली प्रिंसिपल सब कोर्ट) द्वारा 18 अगस्त 2016 को मस्जिद के मुतवल्ली के पक्ष में पारित आदेश को चुनौती देते हुए दायर की थी।

 सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वी. राघवाचारी ने तमिलनाडु वक्फ बोर्ड की ओर से पक्ष रखा, वहीं चेवनन मोहन ने एमिकस क्यूरी के रूप में अदालत की सहायता की। सरकार का तर्क था कि मस्जिद को इस भूमि पर कोई अधिकार नहीं है।


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