अदालतें रिकवरी एजेंट की तरह काम न करें : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अदालतों को पैसों की वसूली के लिए रिकवरी एजेंट की तरह कार्य नहीं करना चाहिए। अदालत ने कहा कि दीवानी (सिविल) मामलों को अनावश्यक रूप से आपराधिक मामलों का रूप देने की प्रवृत्ति कम होनी चाहिए।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि आजकल पैसों की रिकवरी के लिए लोगों को गिरफ्तार कराने का चलन आम हो गया है।

कोर्ट ने कहा कि केवल धन वसूली के लिए आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है, जबकि ऐसे मामले सिविल दायरे में आते हैं।


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