एक नकारात्मक टिप्पणी ही जज के जबरन रिटायरमेंट के लिए काफी : गुजरात हाईकोर्ट

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गुजरात हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी न्यायाधीश के खिलाफ एक भी प्रतिकूल टिप्पणी उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए पर्याप्त है।

अदालत ने यह टिप्पणी उस समय की जब पूर्व न्यायाधीश जे.के. आचार्य की याचिका को खारिज किया गया। उन्हें वर्ष 2016 में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया गया था।

हाई कोर्ट ने कहा कि न्यायाधीश की छवि न केवल ईमानदार होनी चाहिए, बल्कि उसमें उच्च नैतिक मूल्य भी झलकने चाहिए।

अदालत ने दोहराया कि न्यायपालिका में जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोपरि है और इस मानक पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।


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