कर्नाटक में फिर उठा लिंगायत धर्म विवाद, सिद्धारमैया ने रखी तटस्थता

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कर्नाटक में लिंगायत समुदाय द्वारा अलग धर्म का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। सोमवार को लिंगायत मठाधीश्वर ओक्कुटा (लिंगायत संतों का संगठन) की ओर से आयोजित बसवा संस्कृति अभियान–2025 कार्यक्रम में इस मांग को खुलकर उठाया गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि इस मुद्दे पर उनका कोई व्यक्तिगत रुख नहीं है। कोप्पल में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा “मेरा कोई रुख नहीं है, लोगों का रुख ही मेरा रुख है। जाति जनगणना का कार्य चल रहा है, हम देखेंगे कि उसके दौरान लिंगायत समुदाय के लोग खुद को किस धर्म के रूप में दर्ज करते हैं।

 मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि लिंगायत धर्म का मुद्दा नया नहीं है और कुछ विरक्त मठाधीश लगातार इसकी मांग कर रहे हैं। वहीं विपक्षी भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य में हिंदू समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है और कांग्रेस सरकार इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है।


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