महिला आयोग में विवाद: तीन सदस्यों ने अध्यक्ष किरणमयी नायक पर लगाए आरोप

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छत्तीसगढ़ महिला आयोग में विवाद गहराता जा रहा है। आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया और दीपिका सोरी ने आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रेसवार्ता कर तीनों सदस्यों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए।

सदस्यों का कहना है कि आयोग में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अध्यक्ष अकेले ही मामलों में निर्णय लेती हैं, जबकि नियम के अनुसार निर्णय कम से कम दो सदस्यों की उपस्थिति में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी सुनवाई की जानकारी नहीं दी जाती और कई बार बिना सदस्यों की मौजूदगी के सुनवाई पूरी कर ली जाती है।

लक्ष्मी वर्मा ने आरोप लगाया कि आयोग की सुनवाई में अनधिकृत लोग शामिल होते हैं, जिनमें अध्यक्ष के पति और दो वकील भी शामिल रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की अनियमितताओं को लेकर कई बार मौखिक आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। सरला कोसरिया ने कहा कि जब भी सचिव से जानकारी मांगी जाती है, वे जवाब दिए बिना चले जाते हैं।

सदस्यों ने आय-व्यय की जानकारी भी मांगी है, लेकिन अब तक कोई विवरण नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और आयोग को व्यक्तिगत अधिकार की तरह चला रही हैं। दीपिका सोरी ने बताया कि अध्यक्ष संभागों में सुनवाई के लिए जाती हैं, लेकिन वहां भी उन्हें सूचना नहीं दी जाती।

इस कारण आज तीनों सदस्यों ने सुनवाई का बहिष्कार किया। सदस्यों ने यह भी सवाल उठाया कि आयोग अध्यक्ष के कक्ष में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और भूपेश बघेल की तस्वीरें लगी हैं, जबकि वहां केवल राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तस्वीरें होनी चाहिए। तीनों सदस्यों ने कहा कि वे इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे और विधि विभाग, मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देंगे।


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