बेचारा वेस्ट इंडीज

संजय दुबे

feature-top

क्रिकेट खेलने वाले चुनिंदा देशों में वेस्ट इंडीज (जो द्वीपों का देश हैं) ऑस्ट्रेलिया,इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका के बाद 1928 से टेस्ट क्रिकेट खेल रहा है।

इस देश के नामी गिरामी खिलाड़ियों में वीक्स, वाल्काट, वारेल, सोबर्स, कन्हाई,कालीचरण, क्लाइव लॉयड, रिचर्ड्स, हैंस, ग्रीनिज, लारा चंद्रपाल,गिब्स, गार्नर, राबर्ट्स,होल्डिंग, वाल्स, का नाम हर क्रिकेट प्रेमी को मालूम है। एक समय में सबसे अधिक रन बनाने वाले सोबर्स और सर्वाधिक विकेट लेने वाले लांस गिब्स इसी देश के थे।

ब्रायन लारा के द्वारा टेस्ट में 400रन बनाने का रिकॉर्ड आज भी सभी देशों के बल्लेबाजों के लिए चुनौती है। सत्तर और अस्सी के दशक में दहशत का पर्याय हुआ करती थी वेस्ट इंडीज की टीम।"पेस बैटरी" के नाम पर गार्नर, होल्डिंग, राबर्ट्स के रफ्तार पकड़े हुए गेंदबाजी ने देश दुनियां के बल्लेबाजों को "हेलमेट" पहनने पर मजबूर कर दिया। बैटिंग लाइन ऐसी थी कि सात नंबर तक एक से एक बल्लेबाज थे।हैंस और ग्रीनिच की जोड़ी में हैंस ऑफ साइड तो ग्रीनिच ऑन साइड के परफेक्ट बल्लेबाज थे।

लॉयड, रिचर्ड्स, रिचर्डसन, गोम्स,डुजान, याने कंप्लीट टीम। एक बार भारत के गेंदबाज मदनलाल से पूछा गया था कि अगर उन्हें कप्तान बनने का मौका मिले तो किस देश कप्तान बनना चाहेंगे? मदनलाल का जवाब था वेस्ट इंडीज का। "क्यों?" जहां इतने बढ़िया बल्लेबाज और गेंदबाज हो वहां कप्तानी करने के लिए क्या बचा है। एक दिवसीय वर्ल्ड कप में दो बार के विजेता टीम का इतिहास जितना गौरवशाली रहा उसका वर्तमान लड़खड़ाया हुआ है। नेपाल जैसे देश से पराजित हो रहे है। 2022में इंग्लैंड से सीरीज जीतने को छोड़ दे तो क्रिकेट खेलने वाले बड़े देशों के सामने वेस्ट इंडीज की टीम पांच दिन खेल नहीं पा रही है। अहमदाबाद में ढाई दिन में टेस्ट खत्म हो गया पारी से हार गए। दिल्ली भी दूर ही दिख रही है।

माना जाता है कि अच्छे खिलाड़ी एक न एक दिन विदा होंगे इस कारण हर देश का बोर्ड जूनियर खिलाड़ियों पर नजर रखती है, उनको प्रशिक्षण देती है, स्पर्धा में आजमाती है।वेस्ट इंडीज का बोर्ड सालों से अपनी भीतरी लड़ाई से उबर नहीं पा रही है।

वाल्श, ब्रायन लारा,शिव नारायण चंद्रपाल, क्रिस गेल,अकेले खेलते रहे लेकिन जिस मजबूत पारी की जरूरत वेस्ट इंडीज की टीम को है, उससे टीम बहुत दूर है। वित्तीय अभाव से वेस्ट इंडीज को उबारने के लिए भारत के किंग फिशर कंपनी मदद करती रही है। इसके बावजूद द्वीपों में बटे वेस्ट इंडीज की टीम में एकता नहीं है।


feature-top