थानों में CCTV कैमरे हो अनिवार्य : सुप्रीम कोर्ट

feature-top

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के थानों में पूछताछ कक्षों में CCTV कैमरे न होने पर गंभीर चिंता जताई। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि पूछताछ कक्ष वे स्थान हैं, जहां कैमरों की मौजूदगी सबसे आवश्यक है। कोर्ट ने माना कि खर्च एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन इसे मानवाधिकार का प्रश्न बताया।

न्यायाधीशों ने राज्य सरकार से पूछा कि जब कैमरे ही नहीं हैं, तो पुलिस की कार्यवाही पर निगरानी कैसे रखी जाएगी? सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि CCTV फुटेज की निगरानी किसी थर्ड पार्टी एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

अदालत ने उदाहरण देते हुए कहा, “यदि इंफोसिस टैक्स सिस्टम संभाल सकती है और टाटा पासपोर्ट सेवा चला सकता है, तो CCTV निगरानी का काम भी किसी ऐसी सक्षम एजेंसी को दिया जा सकता है। यह सुझाव न केवल थानों के पूछताछ कक्षों के लिए, बल्कि सड़कों पर लगे कैमरों की निगरानी पर भी लागू होगा।


feature-top