तेलंगाना में शराब होलोग्राम टेंडर को लेकर आईएएस अधिकारी बनाम मंत्री

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तेलंगाना में राजस्व सचिव (वाणिज्यिक कर एवं उत्पाद शुल्क) के पद पर कार्यरत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सैयद अली मुर्तज़ा रिज़वी ने आठ साल की सेवा शेष रहते स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) का विकल्प चुना है, जिससे नौकरशाही और राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है।

हालांकि रिज़वी ने अपने फैसले के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि उनके और आबकारी मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव के बीच बढ़ते मतभेद ही इस वरिष्ठ नौकरशाह के शासन छोड़ने का कारण हैं।

तेलंगाना में शराब की बोतलों की ट्रैकिंग और प्रमाणीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले लंबित हाई-सिक्योरिटी होलोग्राम टेंडर को लेकर आबकारी मंत्री और आबकारी सचिव के बीच मतभेद रहे हैं।

जुपल्ली कृष्ण राव द्वारा मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव को लिखा गया एक पत्र सामने आया है, जिसमें उन्होंने रिज़वी पर 100 करोड़ रुपये की हाई-सिक्योरिटी होलोग्राम परियोजना की टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर रोकने और एक पुराने विक्रेता, जिसका अनुबंध जून 2019 में समाप्त हो गया था, को छह साल से अधिक समय तक बिना किसी प्रतिस्पर्धा के होलोग्राम की आपूर्ति जारी रखने की अनुमति देने का आरोप लगाया है।


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