सीबीआई डिजिटल गिरफ्तारियों की जाँच करे : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सीबीआई से साइबर धोखाधड़ी और 'डिजिटल गिरफ्तारी' के बढ़ते मामलों की जाँच करने को कह सकता है - जिसमें सरकारी या पुलिस अधिकारी बनकर अपराधियों के गिरोह लोगों की गाढ़ी कमाई ठग लेते हैं।  

अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील पर भी गौर किया। केंद्रीय जाँच ब्यूरो की ओर से पेश होते हुए मेहता ने कहा कि कुछ मामले म्यांमार और थाईलैंड जैसे विदेशी स्थानों से उत्पन्न हुए हैं। इसके बाद अदालत ने सीबीआई को इन मामलों की जाँच के लिए एक योजना बनाने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, "हमें पूरे भारत में 'डिजिटल गिरफ्तारी' के मामलों की एक समान जाँच की आवश्यकता है।" "हम इस मामले को सीबीआई को सौंपने के इच्छुक हैं... क्योंकि अपराधी पूरे भारत में सक्रिय हो सकते हैं... या शायद सीमा पार से भी।"

इसके बाद अदालत ने सीबीआई से पूछा कि क्या उसे साइबर विशेषज्ञों सहित और संसाधनों की आवश्यकता है।


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