खैरागढ़ पुलिस ने किया साइबर फ्रॉड के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार

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साइबर फ्रॉड के एक अंतरराज्यीय गिरोह का खैरागढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित 8 आरोपियों को महाराष्ट्र के डोंबीवली, मुंबई से गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग ऐप में प्रयुक्त 100 से अधिक बैंक खातों के माध्यम से 50 करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन किया गया था।

पूरा मामला खैरागढ़ जिले का है, जहां 22 अगस्त को पीड़िता वसुधा सिन्हा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने सोशल मीडिया पर “चिकनारी शॉपिंग साइट” के विज्ञापन में साड़ी ऑर्डर की थी। पेमेंट के लिए भेजे गए क्यूआर कोड के जरिए उन्होंने 64 हजार 100 रुपए ट्रांसफर किए, जिसके बाद पता चला कि वे ठगी का शिकार हो गई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खैरागढ़ पुलिस ने साइबर सेल की टीम के साथ तकनीकी जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और बैंक खाते मुंबई के डोंबीवली से संचालित हो रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने आठ दिनों तक मुंबई में गोपनीय रूप से काम करते हुए गिरोह के सभी 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया। मामले का खुलासा करते हुए राजनांदगांव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी महाराष्ट्र और बिहार के रहने वाले हैं — जिनमें गौतम पंजाबी, पवन सुरुसे, विनायक मोरे, अमित मोरे, रामचंद्र चौके, अनमोल दिनवाने, अभिषेक और मनोज मुखिया शामिल हैं। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच संगठित अपराध और जुआ अधिनियम के तहत आगे बढ़ा रही है। आईजी ने कार्रवाई में शामिल पुलिस कर्मियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की है।


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