छात्रों की आत्महत्या रोकने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों में बढ़ते आत्महत्या के मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आठ हफ्तों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

अदालत ने पूछा है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या रोकथाम से जुड़ी दिशानिर्देशों को अब तक किस हद तक लागू किया गया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार को भी आठ हफ्तों के भीतर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें इन दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देना होगा।

यह मामला 25 जुलाई के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने निजी कोचिंग संस्थानों के लिए अनिवार्य पंजीकरण, छात्र सुरक्षा मानक और शिकायत निवारण प्रणाली से संबंधित नियम दो महीने में अधिसूचित करने के निर्देश दिए थे।


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