न्यायपालिका के पास तलवार जैसी ताकत नहीं’ — CJI बीआर गवई

feature-top

देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने मुंबई स्थित महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एमएनएलयू) में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभ कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका देश के नागरिकों के कल्याण के लिए एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग-थलग नहीं किया जा सकता।

सीजेआई गवई ने कहा कि न्यायपालिका के पास न तो तलवार की ताकत है और न ही शब्दों की। जब तक कार्यपालिका सहयोग नहीं करती, तब तक न्यायपालिका और कानूनी शिक्षा दोनों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना कठिन हो जाता है।

उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में स्वतंत्रता, न्याय और समानता के सिद्धांत निहित हैं। कानूनी शिक्षा अब अधिक व्यावहारिक प्रशिक्षण पर आधारित हो रही है, इसलिए मजबूत बुनियादी ढांचा इसकी प्रगति के लिए आवश्यक है। मुख्य न्यायाधीश ने कार्यक्रम में यह भी कहा कि सभी अंगों का उद्देश्य जनता के हित और देश के विकास के लिए मिलकर कार्य करना होना चाहिए।


feature-top