आर्थिक नीतियों में दखल केवल अधिकारों के उल्लंघन पर: : CJI बी.आर. गवई

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प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई ने कहा कि न्यायपालिका कानून के शासन की संरक्षक है। सुप्रीम कोर्ट आर्थिक नीतियों में तभी हस्तक्षेप करता है, जब किसी नीति से मौलिक अधिकारों या संविधान का उल्लंघन होता हो।

उन्होंने वाणिज्यिक न्यायालयों के अंतरराष्ट्रीय मंच में बताया कि सुप्रीम कोर्ट वाणिज्यिक और कॉरपोरेट मामलों में पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर देता है और कानून या कॉरपोरेट ढांचे के दुरुपयोग को रोकता है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वतंत्रता, नियामक अनुशासन और निष्पक्षता के बीच संतुलन बहुत महत्वपूर्ण है। कराधान और विनियमन के मामलों में राज्य की शक्तियाँ केवल स्पष्ट कानूनी आधार और संविधान की सीमाओं के भीतर ही प्रयोग की जानी चाहिए।


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