छत्तीसगढ़ : 25 साल बाद संपत्ति नियमों में बड़ा सुधार

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छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 साल बाद संपत्ति गाइडलाइन निर्धारण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और जनता के लिए लाभकारी होगी। सरकार ने पुराने जटिल नियमों को समाप्त करते हुए ‘बाजार मूल्य गणना संबंधी उपबंध 2025’ लागू किए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और राजस्व मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर लागू किए गए इन नए उपबंधों से जनता को आर्थिक राहत मिलेगी। अब किसी भी नए मोहल्ले, कॉलोनी या परियोजना के विकसित होते ही गाइडलाइन पुनरीक्षण का इंतजार किए बिना संपत्ति का मूल्य निर्धारण किया जा सकेगा।

नए नियमों के तहत कृषि, डायवर्टेड, नजूल और आबादी भूमि के लिए समान मूल्यांकन मानक लागू किए जाएंगे। यानी अब नजूल या डायवर्टेड भूमि होने मात्र से संपत्ति का बाजार मूल्य नहीं बढ़ेगा। नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत क्षेत्रों में सभी वर्गों की भूमि के लिए एक समान मूल्य निर्धारण प्रणाली लागू होगी।

इसके अलावा, हेक्टेयर दर सीमा, निर्मित संरचना पर सिर्फ 8 दरें, सिंचित-असिंचित भूमि का अंतर, भूमि का आकार, मुख्य मार्ग की परिभाषा और वाणिज्यिक/औद्योगिक दर को नए नियमों में शामिल किया गया है। सरकार ने पुराने लगभग 77 जटिल प्रावधानों को घटाकर सिर्फ 14 सरल नियम रखे हैं, जिससे आम नागरिकों को रजिस्ट्री और संपत्ति मूल्यांकन की प्रक्रिया में बड़ी सहूलियत मिलेगी।


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