नगरनार स्टील प्लांट को बेचने की हो रही साजिश : अमित जोगी

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जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (J) के अध्यक्ष अमित जोगी ने केंद्र और राज्य सरकार पर नगरनार स्टील प्लांट को निजी हाथों में सौंपने की बड़ी साजिश का आरोप लगाया है। अमित जोगी ने कहा कि केवल 11 दिनों में प्राइवेट कंपनी को सभी तरह के क्लीयरेंस दे दिए गए हैं।

उन्होंने खुलासा किया कि NMDC स्टील प्लांट को निप्पोन स्टील कंपनी को बेचने की पूरी तैयारी हो चुकी है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर इस पर रोक नहीं लगी तो बस्तर में जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। अमित जोगी ने कहा “मैं छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश कर रहा हूं, जिसकी न्यूनतम लागत करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की है।”

उनके अनुसार, इस घोटाले के तहत जनता की संपत्ति को निजी घरानों के नाम करने की बड़ी साजिश की गई है। जोगी ने याद दिलाया कि नगरनार में बस्तर के पहले इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की नींव उनके पिता अजीत जोगी ने रखी थी, जो स्थानीय लोगों की भलाई और आर्थिक आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से बनाया गया था। उन्होंने कहा कि NMDC स्टील प्लांट की जमीन का स्थायी मालिक राज्य और जनता बने रहें, इसकी रणनीति पहले ही तय की गई थी।

लेकिन आज, डेढ़ लाख करोड़ की संपत्ति आर्सेलर मित्तल के नाम की जा रही है, जबकि इस परियोजना में करदाताओं के 26 हजार करोड़ रुपए पहले ही निवेश किए जा चुके हैं। अमित जोगी ने यह भी आरोप लगाया कि बैलाडीला लौह अयस्क खदान क्रमांक 4 और 5 भी आर्सेलर मित्तल को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 3 अक्टूबर 2023 को नगरनार की धरती से घोषणा की थी कि इस प्लांट का निजीकरण नहीं किया जाएगा, और यह छत्तीसगढ़ की जनता का हक रहेगा। लेकिन अब केंद्र सरकार के निर्णय से यह साफ हो गया है कि प्लांट को निजी कंपनी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

अमित जोगी ने कहा यह छत्तीसगढ़ की जनता की संपत्ति है, और हम इसे किसी कीमत पर निजी हाथों में नहीं जाने देंगे।


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