दुर्लभ धातुओं पर सरकार का बड़ा कदम, केंद्रीय कैबिनेट ने 7,280 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना मंजूर की

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए चार प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें सबसे अहम दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट निर्माण के लिए 7,280 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना है।

यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों, अक्षय ऊर्जा और रक्षा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चीन द्वारा दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर नियंत्रण बढ़ाने के बीच भारत की यह पहल रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चीन वर्तमान में वैश्विक उत्पादन और प्रोसेसिंग का 60-90% हिस्सा नियंत्रित करता है।

सरकार द्वारा स्वीकृत यह पहली ऐसी योजना है जिसके तहत सिंटर किए गए REPM के लिए एकीकृत विनिर्माण सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।

इसमें ऑक्साइड से धातु, धातु से मिश्रधातु और मिश्रधातु से तैयार मैग्नेट बनाने तक की पूरी श्रृंखला विकसित की जाएगी। योजना की अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें 2 वर्ष इकाई स्थापना के लिए निर्धारित हैं।

इसके तहत 1,000 MTPA और 1,200 MTPA क्षमता की उत्पादन इकाइयाँ स्थापित होंगी। कैबिनेट ने इसके अलावा तीन और परियोजनाओं – पुणे मेट्रो विस्तार (₹9,858 करोड़), ओखा-कनालस रेल लाइन दोहरीकरण (₹1,457 करोड़) और बदलापुर-कर्जत तीसरी-चौथी रेल लाइन (₹1,324 करोड़) को भी मंजूरी दी।


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