संविधान पर खतरे की बात गलत: पूर्व CJI बीआर गवई

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देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने सेवानिवृत्ति के बाद कई मुद्दों पर स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि संविधान पर खतरे की बात निराधार है।

गवई ने 1973 के केशवानंद भारती फैसले का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के मूल ढांचे को बदला ही नहीं जा सकता, इसलिए इसके कमजोर पड़ने का सवाल ही नहीं उठता।

बुलडोजर कार्रवाई पर भी उन्होंने खुलकर बात की और नक्सलवाद पर कहा कि देश में यह समस्या लगातार कम हो रही है।

गवई ने बताया कि कभी महाराष्ट्र का गढ़चिरौली नक्सलवाद का बड़ा केंद्र था, लेकिन अब हालात काफी बदल चुके हैं। पूर्व सीजेआई के बयान को वर्तमान राजनीतिक और संवैधानिक बहस के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।


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