मानव कल्याण के लिए हो एआई का उपयोग : मोहन भागवत

feature-top

नागपुर के नागपुर पुस्तक मेला में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपने संबोधन में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के बदलते स्वरूप पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि तकनीक को रोका नहीं जा सकता, वह लगातार आगे बढ़ती रहेगी। लेकिन यह आवश्यक है कि उसका मालिक मनुष्य ही रहे।

“हम उपकरण न बनें, बल्कि उपकरण हमारे काम आएँ,” उन्होंने कहा। भागवत ने मोबाइल फोन का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले हम मोबाइल का उपयोग करते थे, लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि मोबाइल ही हमें उपयोग करने लगा है। लोग कुछ घंटों के लिए भी मोबाइल से दूर रहना मुश्किल समझते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है और इसे बदलने की ज़रूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि सभी तकनीकें—मोबाइल हो या एआई—सिर्फ साधन हैं, और उनका जनकल्याण में कैसे उपयोग करना है, यह मनुष्य को तय करना होगा। “एआई का उपयोग मानव को बेहतर बनाने में होना चाहिए,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।

भागवत ने यह भी व्यक्त किया कि भविष्य में एआई के कारण मानव भावनाओं पर क्या प्रभाव होगा, इसे लेकर चिंता स्वाभाविक है। लेकिन वह समय अभी आया नहीं है। इसलिए एआई के व्यापक प्रभाव आने से पहले हमें मानसिक और सामाजिक रूप से तैयार होने की जरूरत है।


feature-top