कोरबा : भूविस्थापित महिलाओं ने SECL कुसमुंडा कार्यालय के मुख्य द्वार पर जड़ा ताला

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SECL और जिला प्रशासन की लगातार उदासीनता और संवेदनहीनता के खिलाफ भूविस्थापित महिलाओं ने आज अलसुबह अपनी अंतिम लड़ाई की शुरुआत कर दी। पूर्व की घोषणा के मुताबिक, कुसमुंडा क्षेत्र से प्रभावित महिलाओं ने रोजगार, बसाहट, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर कुसमुंडा प्रबंधन तथा अधिकारियों के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज कराया।

महिलाओं ने कुसमुंडा कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया है और चेतावनी दी है कि आंदोलन से उत्पन्न किसी भी अप्रिय स्थिति या कोयला उत्पादन में बाधा के लिए SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। कुसमुंडा परियोजना से प्रभावित भूविस्थापित महिलाएँ पिछले 22 वर्षों से रोजगार, बसाहट और अन्य लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लड़ाई लड़ रही हैं।

आंदोलन में गोमती केवट, काजल, इन्द्रा, सरिता टिकैतराम बिंझवार, पूनम और मीना कंवर शामिल हैं। इन महिलाओं का नेतृत्व कर रही गोमती केेंवट के परिवार की जमीन SECL ने अधिग्रहित तो की है मगर नौकरी किसी फर्जी व्यक्ति को दे दिया गया है। महिला की मांग है कि परिवार के किसी पात्र व्यक्ति को नौकरी दी जाए। इसके अलावा इनकी कुछ और जायज मांगे भी हैं।


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