सुप्रीम कोर्ट ने की घुसपैठियों को लेकर सख्त टिप्पणी

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सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या शरणार्थियों के कथित रूप से लापता होने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार को निर्देश जारी करने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने केंद्र को नोटिस जारी करने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी।

सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ताओं से कहा कि “आप जानते हैं कि वे घुसपैठिए हैं। देश की उत्तरी सीमाएँ अत्यंत संवेदनशील हैं।

यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से भारत आया है, तो क्या आप उनके लिए भी रेड कार्पेट बिछाना चाहते हैं? वे सुरंगों के रास्ते घुसते हैं और फिर भोजन, आवास और बच्चों की शिक्षा तक का अधिकार मांगने लगते हैं। क्या हम कानून की सीमाओं को इस प्रकार विस्तार देना चाहते हैं?” अदालत ने आगे कहा कि ऐसे मामलों में हैबियस कॉर्पस जैसी याचिका दायर करना “काफी काल्पनिक” प्रतीत होता है।


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