करोड़ों भारतीयों की प्राइवेसी खतरे में : असदुद्दीन ओवैसी

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संचार साथी एप को अनिवार्य रूप से स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल करने के फैसले पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस कदम को मोदी सरकार द्वारा नागरिकों की निजता कमजोर करने की नई कोशिश बताया है।

उन्होंने दावा किया कि यह फैसला करोड़ों भारतीयों की प्राइवेसी को खतरे में डाल सकता है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि संचार साथी एप को अनिवार्य और हटाने योग्य न बनाना सरकार को हर डिवाइस तक सीधी पहुंच देने जैसा है।

उनका आरोप है कि सरकार द्वारा जारी किया गया सर्कुलर भी सार्वजनिक नहीं किया गया, जो इसकी पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। ओवैसी ने चेतावनी दी कि यह कदम सरकारी ‘स्नूपिंग’ यानी निगरानी को आसान बना देगा।


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