धैर्य और मेहनत से बनती है पहचान: CJI सूर्यकांत

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सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने पहली पीढ़ी के वकीलों को सलाह दी कि वे कड़ी मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रतिबद्धता के माध्यम से अपनी विश्वसनीयता बनाएं। वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित “WE (कानून में महिला सशक्तीकरण): शक्ति, संघर्ष और सफलता” विषयक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि अपने करियर की शुरुआत में उन्हें अनिश्चितता और मार्गदर्शन की कमी का सामना करना पड़ा, क्योंकि वे अपने परिवार में पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वकालत को चुना।

फिर भी, छात्र जीवन से ही वे न्याय व्यवस्था को समझने के लिए उत्साही और जिज्ञासु रहे। CJI सूर्यकांत ने बताया कि सफलता में समय लगता है और इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। संघर्षों के बीच मानसिक दृढ़ता आवश्यक है।

उन्होंने पहली पीढ़ी के वकीलों को संदेश दिया कि दुनिया भले ही भीड़भाड़ वाली हो, लेकिन निरंतर प्रयास और अनुशासन के साथ अपनी पहचान बनाना पूरी तरह संभव है।


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