यूपीएससी पर्सनैलिटी टेस्ट पूरी तरह भेदभाव मुक्त :केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

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केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में यह स्पष्ट किया कि यूपीएससी के इंटरव्यू और पर्सनैलिटी टेस्ट सिस्टम में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। यह टेस्ट पूरी तरह से भेदभाव, पक्षपात या बायस से मुक्त है।

उन्होंने कहा कि इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह रैंडम प्रक्रिया के आधार पर होता है। इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों को न तो उम्मीदवारों की कैटेगरी के बारे में पता होता है और न ही लिखित परीक्षा अंक के बारे में।

मंत्री ने बताया कि कैंडिडेट्स की कैटेगरी (General, OBC, SC, ST) और लिखित परीक्षा के मार्क्स से जुड़ी जानकारी बोर्ड के सदस्यों तक नहीं पहुंचती।

जिससे इंटरव्यू के दौरान किसी भी प्रकार के अंजाने या जानबूझकर भेदभाव की संभावना समाप्त हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों की पहचान भी कैंडिडेट्स को नहीं दी जाती। इससे प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी रहती है।


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